NIOS D.el.ed. पर पटना हाइकोर्ट ने फैसले में क्या कहा -क्या बहाल हो जाएंगे Nios D.El.ed. Teacher

पटना : बिहार में NIOS के तहत D . EL . ED करने वाले शिक्षकों के लिए खुशी कि खबर आ रही है .हमारे सूत्रों का कहना है कि आनेवाले सोमवार यानी की 20 जनवरी तक पटना हाईकोर्ट शिक्षकों के पक्ष में फैसला दे सकता है .

दरअसल कल यानी की सोमवार को जस्टिस प्रभात कुमार झा की बेंच पर शिक्षकों की याचिका पर सुनवाई हो रही थी . जिसमें शिक्षकों का पक्ष अधिवक्ता वाई . वी . गिरी , राज मौली , प्रींस मिश्रा , और प्रणव कुमार ने रखा . जिसमें सभी दलिलों को सुनने के बाद कोर्ट ने NCTE के अधिवक्ता पीके शाही , सुनील कुमार और सरकार के वकील से जवाब तलब करने को कहा . जिसमें उन्होंने सफाई पेश की . जिससे नाराज जस्टिस प्रभात कुमार झा ने वकीलों की जमकर क्लास लगाई . साथ ही कोर्ट ने वकीलों से सवाल किया कि कोई ऐसा कारण बताएं जिससे की कोर्ट इन शिक्षकों के पक्ष में फैसला ना दें . जिसके बाद कोर्ट में सरकारी वकील और NCTE के वकीलों ने बोलने से चुप्पी साध ली . वहीं सूत्रों का कहना है कि , जिसके बाद कोर्ट ने वकीलों चुप्पी देख शिक्षकों के पक्ष में फैसला देने का निर्णय लिया . साथ ये भी जानकारी हाथ लगी की कोर्ट में जस्टिस प्रभात झा ने सरकारी वकीलों को डांट भी लगाई और कहा कि ” ये क्या फैसला है जो आपने अपने मन से कोर्ट को 24 महीने के लिए बनाया और उसे 18 महीने में ही परीक्षा ले ली , इसके साथ ही जस्टिस ने कहा कि गर्व की बात तो ये है कि इन शिक्षकों ने 24 महीने के कोर्ष को 18 महीने में भी पूरा कर और पहली बार में ही परीक्षा में उत्तीर्ण हो गए ”

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क्या है पूरा मामला दरअलस बिहार सरकार ने माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की रिक्त स्थानों को भरने के लिए आवेदन निकाला . लेकिन NIOS से D . EL . ED करने वाले शिक्षकों जिन्होंने 24 महीने को कोर्ष को 18 महीने में ही पूरा किया था उसकी मान्यता को बिहार सरकार ने मानने से इंकार कर दिया था . जिसके बाद NIOS से D . EL . ED निजी विद्यालयों के शिक्षकों ने बिहार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला और सड़क से लेकर अनसन तक को भी उतारू हुए . लेकिन कहीं भी सफलता नहीं दिखने के बाद शिक्षकों ने 24 सितम्बर 2019 को हाईकोर्ट में जस्टिस अनील कुमार उपाध्यय की बैंच पर जनहीत याचिका दायर की लेकिन 1 ही सुनवाई के बाद जस्टिस अनील कुमार उपाध्यय को किसी और काम में लगा दिया गया , और सुनवाई की जिम्मेदारी जस्टिस प्रभात झा की बैंच पर शुरू हुई . इस तरह देख तो कुल मिला कर 14 से 15 मेंसनिंग और सुनवाई के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है .

Patna: D. under NIOS in Bihar. EL. Happy news is coming for the teachers doing ED. Our sources say that the Patna High Court may give a decision in favor of the teachers by the coming Monday i.e. January 20.

Actually on Monday, on Monday, Justice Prabhat Kumar Jha’s bench was hearing the petition of the teachers. In which the teachers’ side was advocate Y. V. Giri, Raj Mouli, Prince Mishra, and Pranav Kumar placed. In which after hearing all the parties, the court asked the NCTE advocates PK Shahi, Sunil Kumar and the government’s counsel to summon the reply. In which he presented an explanation. Due to which angry Justice Prabhat Kumar Jha set a class of lawyers fiercely. At the same time, the court asked the lawyers to give a reason why the court should not decide in favor of these teachers. After this, the government lawyers and NCTE lawyers in the court kept silence from speaking. At the same time, sources say, after which the court decided to give a decision in favor of the teachers after watching the lawyers silence. Along with this information also came to light that in the court, Justice Prabhat Jha also scolded the government lawyers and said that “what is the decision that you made with your mind for 24 months and took it in 18 months, its exam At the same time, the Justice said that it is a matter of pride that these teachers completed the 24-month struggle in 18 months and passed the examination in the first time itself. ”

What is the whole matter, the Bihar government has applied to fill the vacancies of teachers in secondary and higher secondary schools. But D.I. from NIOS EL. The Bihar government refused to accept the recognition of ED teachers, who had completed Korsha for 24 months in 18 months. After which NIOS to D. EL. Teachers of ED private schools opened a front against the Bihar government and also took out from the road to the Anasan. But after showing no success anywhere, the teachers filed a petition in the High Court on 24 September 2019 on the bench of Justice Anil Kumar Upadhyay, but after 1 hearing, Justice Anil Kumar Upadhyay was put in some other work, and the responsibility of hearing Justice started on Prabhat Jha’s bench. In this way, after a total of 14 to 15 menacing and hearing, the court has reserved the verdict.

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