मध्यप्रदेश में शिक्षकों को विद्यालय में कितने बजे पहुंच जाना चाहिए?

आमतौर पर ये प्रश्न हर जिम्मेदार व्यक्ति को पूछना चाहिए क्योंकि ये न सिर्फ बच्चों के भविष्य का सवाल है वल्कि देश का भविष्य भी इस प्रश्न से जुदा हुआ है , शिक्षकों को कितने बजे विद्यालय पहुँच जाना चाहिए |

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वैसे तो मध्यप्रदेश शासन की दिशा निर्देशों के अनुसार स्कूल की समय सीमा निर्धारित की जाती है परंतु कुछ जगह पर देखने में आता है कि शिक्षक अपनी मनमानी कर रहे हैं और वह स्कूल की समय सीमा का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखते हैं इस स्थिति को देखते हुए अभिभावकों को इस ओर विशेष ध्यान देना चाहिए क्योंकि अगर वह इस ओर ध्यान नहीं देंगे तो व्यवस्था और ही बदतर होती जाएगी 

मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में यही स्थिति देखने में आती है कि शिक्षक बहुत ही जल्दी स्कूल छोड़ कर चले जाते हैं और इस कारण बच्चों की पढ़ाई का बहुत ही जल्द नुकसान होता है इस स्थिति से निपटने के लिए ना सिर्फ शिक्षकों को बल्कि अभिभावकों को भी ध्यान देने की आवश्यकता है क्योंकि अधिकतर देखा जाता है कि ग्रामीण इलाकों में शिक्षक लंबी दूर से आते हैं इस कारण उन्हें थोड़ा जल्दी  जल्दी विद्यालय छोड़कर जाना होता है 

क्या है समय सीमा 

शासन के दिधा निर्देशों के अनुसार शिक्षकों को 10 बजे तक हर हाल में  विद्यालय पहुँच जाना चाहिए  परन्तु मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में यह देखने में  मिलता है की मास्टरजी 12 बजे विद्यालय आ रहे हैं आयर 3 बजे वापिस चले जा रहे हैं इस कारण बचूं की पढाई प्रभावित होती है 

सप्ताह में  एक दो दिन agar ऐसा हो तो समभ है की कोई समस्या हो रही होगी परन्तु रोज ही ये स्थिति बनती है इसका कारण शाशन प्रशाशन का ढुलमुल रवैया है 

सुधार हेतु क्या कदम उठाये जाने चाहिए 

ग्रामीण स्तर पर अभिभावकों को ध्यान रखना चाहिए की शिक्षक कितने बजे शाळा आ रहे हैं एवम बचों की पड़ी कैसी चल रही है 

इसके अलावा अगर उन्हें लगता है कोई शिक्षक लेट आता है तो उसकी शिकायात संवंधित जिला अथवा विकासखंड स्तर पर भी करनी चहिये 

कभी कभी देखने में आता है की विकासखं से लेकर जिला स्तर के अधिकारी भी मिले हुए होते है ऐसी स्थिति में आपको उच्च अधिकारीयों तक अपनी बात पहुंचानी चाहिए 

आप १८१ नम्बर पर शिकायत करके भी इस सवंधित शिक्षक की बारे में अवगत करा सकते हैं 

Agar in सभी माध्याममो से भी आपको समाधान नहीं मिल रहा है तो आप सोशल मीडिया का सहारा ले सकते हैं विडिओ के माध्यम से या अन्य स्रोतों के माध्यम से भी आप इसमें सुधार की अपेक्षा कर सकते हैं 

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