रोजगार पंजीयन दिखावा -वाहर के युवा ले जाये हैं ज्यादातर पद

मप्र में पुलिस कांस्टेबल , इंस्पेक्टर भी समेत अन्य वर्दीधारी पदों पर भर्तियां समय पर नहीं होने उम्मीदवार ओवरएज हो रहे हैं उम्मीदवार वर्दीधारी पद के लिए आयुसीमा 37 वर्ष करने की मांग कर रहे हैं । वहीं उनका आरोप ग्रेड -3 स्तर के पदों के लिए भी भर्तियां ऑल इंडिया लेवल पर निकलने भी नुकसान उठाना पड़ रहा है । हाल ही में जेल प्रहरी की भर्ती ऑल इंडिया लेवल पर निकली है । मप्र में नौकरी के लिए रोजगार कार्यालय में जीवित पंजीयन अनिवार्य है , ताकि यहीं के उम्मीदवारों को नौकरी लाभ मिल सके , लेकिन बाहरी राज्यों के युवा भी मप्र रोजगार कार्यालय में पंजीयन करा लेते । कार्यालय के आंकड़े भी इसकी पुष्टि रहे हैं । पिछले पांच साल बाहरी राज्यों के 2,48,579 युवाओं पंजीयन कराया है । जबकि चालू वर्ष अब तक 55,096 बाहरी उम्मीदवार मप्र में रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं ।

मप्र युवा बेरोजगार संघ के संरक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि हमारे पड़ोसी राज्यों सहित विभिन्न प्रदेश अपने मूल निवासियों को अलग – अलग नियम बनाकर भर्तियों में लगातार फायदा पहुंचाते हैं । इन राज्यों में मप्र के युवा शामिल नहीं पाए । एक अन्य उम्मीदवार दिनेश चौहान ने बताया कि उत्तरप्रदेश में वही उम्मीदवार आवेदन कर पाते हैं , जो निरंतर वर्ष तक स्थायी रूप से वहां रह रहा हो । निवास का प्रमाणपत्र भी देना होता है । वहीं गुजरात ने गुजराती भाषा , महाराष्ट्र ने मराठी भाषा अनिवार्य कर रखी है । बिहार शैक्षणिक अर्हता कक्षा 12 वीं स्थानीय बोर्ड से प्राप्त की हो । छत्तीसगढ़ में भी मूलनिवासी होना अनिवार्य है । उत्तराखंड में कक्षा 10 वीं वहीं के बोर्ड से उत्तीर्ण होना जरूरी है । युवाओं का कहना है कि ऐसे नियम मप्र में भी होना चाहिए

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