Mptet News बोनस अंक के गणित से 90 प्रतिशत मूल निवासी और अतिथि हो सकते हैं चयनित।

शिक्षक भर्ती 2018 काफी दिनों से आरक्षण और अतिथि शिक्षको के नियमितीकरण के कारण उलझ रही है । पिछले विधानसभा चुनाव से पहले शिवराजसिंह सरकार विज्ञापन जारी किया था । जिस भर्ती आज तक पूरी नहीं हो पाई है।जिस की सबसे बड़ी वजह रही प्रदेश कार्यरत 70 हजार अतिथि शिक्षक लगातार 13 वर्षों से सेवा दे रहे हैं । प्रदेश के सभी अतिथि शिक्षको को सरकार पर पूरा भरोसा था की उन को शिक्षक भर्ती में कोई लाभ मिलेगा जब भर्ती नियम पुस्तिका जारी की गई थी उस में अतिथि शिक्षको के लिये 25 प्रतिशत काटा रिजर्व किया गया यहाँ तक भी अतिथि शिक्षक सन्तुष्ट हो कर चुप बैठ गये लेकिन जब परिणाम की प्राविधिक सूचि बनी तो सारा मामला गोलमाल निकला । अतिथि शिक्षको को 25 नकोटा देकर सरकार सभी को उलझा दिया । क्योंकी शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने ऐसा पेंच फसा कर सूचि तैयार करी की किसी भी अतिथि शिक्षक को अतिथि कोटे से बाहर नहीं जाने दिया । मतलब जो अतिथि शिक्षक अच्छे अंक लाया और ओपन केटेगरी फाइट की उस को भी ओपन कैटेगरी में नहीं जाने दिया भले वो कितने भी अच्छ अंक लाया उस को वही अतिथि कोटे ही रखा । जिस वजह से मध्यप्रदेश सभी अतिथियों में से 90 नशिक्षक भर्ती से बाहर हो गए । जिस का सीधा सीधा फायदा बाहरी राज्य के उम्मीदवारों को हुवा है । भर्ती के सभी 60 प्रतिशत पदों पर बाहरी राज्य के उम्मीदवारों का चयन हुवा है । जिस वजह से मध्यप्रदेश के सभी अतिथि शिक्षको में काफी आक्रोश है वह सीको पर उतर आये है।और सरकार के खिलाफ जगह जगह ज्ञापन और धरना प्रदर्शन कर और उन की एक ही मांग है की सरकार उन को भर्ती में बोनस अंक ताकि उन को भर्ती में लाभ मिल सके वही प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चाहान ने हाल ही में कहा की अब मध्यप्रदेश में बाहरी राज्यो उम्मीदवारों को मध्यप्रदेश नोकरी नहीं दी जायेगी । अब देखना यह है की शिवराज सरकार अब कौन सा फार्मूला लाती है जिस 70 हजार अतिथि शिक्षक संतुष्ट हो जाये और भर्ती भी पूरी कर जाये । क्यों की अभी हाल ही में प्रदेश उप चुनाव आने वाले है यदि सरकार अतिथियों के विपक्ष तो कोई फैसला लेगी नहीं अगर लिया तो सभी अतिथि शिक्षक नाराज हो जायेंगे।और सरकार के खिलाफ वोट करेंगे ऐसे सरकार यदि अतिथियों को न के अनुभव के आधार पर अंक देती है तो स्वतः सभी बाहरी उम्मीदवार भर्ती बाहर हो जायेंगे और सभी अतिथि भी संतुष्ट हो जायेंगे । प्रदेश में अभी 27 सीटो पर उपचुनाव होना है और अब किसी हाल में सरकार के पास करो या मरो जैसी स्थिति है।क्यों की सभी 70 हजार अतिथियों के वोट भी लेना है सरकार को ऐसी स्थिति में बाहरी राज्य के उम्मीदवार तो सरकार को वोट नहीं करेंगे । अब सरकार भी यही चाहती है की किसी भी तरह बाहरी राज्य के उम्मीदवारी को बाहर कैसे किया जाये । इन सारी अटकलों में अभी शिक्षक भर्ती के पेंच फसे हुए है जिस का एक ही रास्ता है को या तो सभी 70 हजार अतिथियों को नियमित किया जाये या फिर अनुभव के आधार पर बोनस अंक दिए जाये

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