Aspergillosis : क्या है ये नया फंगल इन्फेक्शन

covid 19 के बाद फंगस इन्फेक्शन देश में बड़ते जा रहे है चाहे वह ब्लेक फंगस हो ,व्हाईट फंगस हो ,या फिर यलो फंगस हो ,देश के लोग इन फंगस के बारे में ठीक से समझ ही नही पाए थे की एक और फंगल इन्फेक्शन के मरीज मिलना शुरू हो गए ज्यादातर केस कोरोना से थीक हुए मरीजों में मिल रहे है चलिए जानते है आखिर फंगल इन्फेक्शन कोरोना से ठीक हुए लोगों में ही ज्यादा तर क्यों देखने को मिल रहा है

ज्यादातर कोरोना मरीजों को एंटीबायोटिक दवाइयाँ या स्टेराइड दिए जाते हैं एंटी बायोटिक दवाइयां शरीर में मोजूद वेक्टेरिया को मारती हैं पर सारे वेक्टेरिया नही मरते और धीरे धीरे वह वेक्टेरिया अपनी प्रतिरोधक क्षमता को बड़ा लेते हैं और उन पर उस एंटीबायोटिक का कोई असर नहीं होता इसी तरह स्टेराइड भी एंटी फंगल रेसिस्टेंस पैदा करते है इसी कारण फंगल अपनी क्षमता बड़ा लेते हैं और स्टेरायड प्रतिरोधक हो जाते है |वैज्ञानिकों का मानना है की अगर इसी तरह से हम एंटीबायोटिक का प्रयोग करते रहे तो एक दिन ये बेक्टीरिया अपना एसा सुपर बग न बना ले जो दुनिया की किसी भी एंटी बायोटिक से ना मरे

दुसरा कारण कोरोना के बाद ठीक हुए मरीज की इम्युनिटी कम हो जाती है जिसके कारण फंगल इन्फेक्शन आसानी से फेल जाते हैं |वहीं डॉक्टर्स इनका कारण कोरोना मरीजों को दी जाने वाली ऑक्सीजन की आपूर्ति को हाइड्रेट करने के लिये साफ़ पानी का प्रयोग न करना भी मान रहे है

aspergillosis घर के अंदर और बाहर दोनों जगह मोजूद होता है इसके कारण व्यक्ति को सीने में दर्द ,खांसी के साथ खून आना,बुखार,खांसी,सांस लेने में कठिनाई आदि समस्या होती हैं | इसके लिये व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए

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