RRB Ntpc Exam date Ravish Kumar Questions Over Rrb Said – Railway could not complete the examination in 20 months |Rrb Group D |Rrb Ntpc|

RRB Ntpc Exam date Ravish Kumar Questions Over Rrb Said – Railway could not complete the examination in 20 months |Rrb Group D |Rrb Ntpc|

रैमन मैग्सेसे पुरस्कार बिजेता वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिये रेलवे भर्ती बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं ।

उनका कहना है कि रेलवे ने अब तक ntpc परीक्षा की तिथि तक घोषित नहीं कि है ।

इसके अलावा कई परीक्षा ऐसी है जिनमे आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है मगर जोइनिंग अभी तक नहीं हुई है।

आइए देखते हैं क्या कहा है रवीश कुमार ने –

“पाल और पटेल तक से प्रेरित पीयूष गोयल का रेलवे 20 महीने में परीक्षा पूरी नहीं करा सका

आज रेल मंत्री पीयूष गोयल का ट्वीट देखकर बेहद ख़ुशी हुई। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी बिपिन चंद्र पाल की जयंति पर याद किया है। लिखा है कि बिपिन चंद्र पाल पीढ़ियों को अपने राष्ट्रवाद और क्रांतिकारी विचारों से प्रेरित करते रहेंगे।

कोई वाकई क्रांतिकारी विचारों से प्रेरित हो गया और सरकार को चुनौती देने लगा तो सबसे पहले पीयूष गोयल की उसे देशद्रोही कह देंगे या उनके समर्थक काम कर देंगे।

एक हफ्ता तक वे किसी महापुरुष से प्रेरित नहीं हुए। उनके ट्विट पर किसी की जयंति या पुण्यतिथि का स्मरण नहीं है। 31 अक्तूबर को वे ट्विट के ज़रिए सरदार पटेल से प्रेरित हो जाते हैं। लिखते हैं कि “ उनकी इच्छाशक्ति फौलाद के जैसी दृढ़ थी, देश के लिए उनकी प्रतिबद्धता अद्वितीय थी, उनका संकल्प अटल था। देशहित के लिए जो भी कार्य मिला उन्होंने पूरी निष्ठा से पूर्ण कर दिखाया।“

बेहतर होता आप इसी के साथ अपनी इच्छाशक्ति और मिले हुए कार्य को पूर्ण कर दिखाने का उदाहरण देते। भाई दूज, गोवर्धन पूजा, धनतेरस, छठ पर बधाई देना याद रहता है लेकिन मंत्रालय का जो काम मिला है, उसका हिसाब देना याद नहीं रहता है। आख़िर इतने महापुरुषों से जिस शख्स को इतनी प्रेरणा मिल रही हो, तो फिर उनका मंत्रालय 15000 से अधिक उम्मीदवारों को ज्वाइनिंग लेटर क्यों नहीं दे रहा है? क्यों पटेल से लेकर पाल तक से प्रेरणा पाने वाले रेल मंत्री 20 महीने में परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं करवा सके?

फरवरी 2018 में रेलवे ने लोको पायलट और टेक्निशयन की भर्ती निकाली थी। 20 महीने बीत गए लेकिन अभी भी इस परीक्षा की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है। इस परीक्षा का रिज़ल्ट आ गया है। रिज़ल्ट के बाद दस्तावेज़ों की जांच हो चुकी है। मेडिकल भी हो चुका है। कोलकाता बोर्ड में ही 4000 से अधिक टेक्निशियन की ज्वाइनिंग नहीं हुई है। 1409 लोको पायलट की ज्वाइनिंग नहीं हुई है। परीक्षा पास कर वे घर बैठे हैं। बेरोज़गार हैं। उम्मीदवारों के अनुसार सितंबर तक ज्वाइनिंग हो जानी चाहिए थी। अब नवंबर चालू हो चुका है।

Advertisement

इलाहाबाद बोर्ड से भी उम्मीदवारों ने मुझे लिखा है कि दस हज़ार पदों पर उम्मीदवार नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे हैं। हज़ारों की संख्या में छात्र इंतज़ार कर रहे हैं। दस्तावेज़ परीक्षण से लेकर मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। ज्वाइनिंग कब होगी पता नहीं। क्या उन्हें घर बिठाकर सरकार अपने पैसे बचा रही है? मगर ये तो देखिए कि दिन गुज़रने के साथ बेरोज़गारों पर क्या मुसीबत होती होगी?

गोरखपुर बोर्ड के एक उम्मीदवार ने बताया है कि वहां लोको पायलट के 1681 पद थे। 1377 पदों पर भर्ती पूरी हो गई लेकिन उसके बाद का पता नहीं चल पा रहा है। टेक्निशियन का हाल तो और बुरा है। उनकी ज्वाइनिंग का पैनल तक नहीं बना है।

रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड मुंबई में 5700 पद थे, मगर 600 की बहाली पूरी हुई है। ज्वाइनिंग हुई है। 4100 उम्मीदवार अभी भी इंतज़ार कर रहे हैं।

चंडीगढ़ बोर्ड से भी ऐसी सूचना मिल रही है। उम्मीदवारों ने बताया है कि 4000 के करीब उम्मीदवार ज्वाइनिंग के लिए इंतज़ार कर रहे हैं। मात्र 600 की हुई है। पूछने पर बोर्ड कोई सूचना नहीं देता है।

रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के उम्मीदवारों ने बताया है कि यहां भी मात्र 500 की ज्वाइनिंग हुई है। 3000 उम्मीदवार अभी भी इंतज़ार कर रहे हैं।

यही नहीं चुनावों के दौरान नौजवानो को लुभाने के लिए रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड ने NTPC की 35,000 वेकेंसी निकाली थी। उम्मीदवारों का कहना है कि इसके लिए एक करोड़ से अधिक लोगों ने फार्म भरा था। फार्म भरने की अंतिम तारीख़ 31 मार्च 2019 थी। इस परीक्षा में आर्थिक रुप से कमज़ोर तबके को आरक्षण मिला था। मगर वे फार्म भर कर ही रह गए। न परीक्षा हुआ और न नौकरी मिली।

इस फार्म को भरने के लिए जनरल ने 500 दिए, अनुसूचित जाति-जनजाति ने 250 रुपये दिए ।रेलवे बेरोज़गारों से करोड़ों रुपये लेकर बैठी हुई है। परीक्षा नहीं करा रही है।

31 मार्च 2019 को फार्म भरे जाने के बाद भी NTPC की 35,000 भर्ती की परीक्षा नहीं हुई है। पहले कहा गया कि अगस्त-सितंबर में होगी लेकिन नवंबर का पहला हफ्ता बीत चुका है। रेल मंत्री प्रधानमंत्री के ट्विट को दिन भर ट्विट करते रहते हैं, इन सब बातों की जानकारी जनता को नहीं देते हैं। फिर कैसे मान लिया जाए कि ये हर सुबह महापुरुषों से प्रेरित होते रहते हैं।

बेहतर है रेल मंत्री अपना मूल काम करें। मेरे पास ही 25,000 से अधिक उम्मीदवारों का हिसाब है जो पास हो जाने के बाद भी नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे हैं। यह संख्या और भी अधिक हो सकती है। मंत्री जी से आग्रह हैं कि सभी को एक हफ्ते के भीतर ज्वाइनिंग लेटर दे दें। उन्हें वेतन देना शुरू करें। इतना कर दें तो काफी है। इसके बाद वे भूल भी जाएं कि आज किसकी जयंति है तो किसी को बुरा नहीं लगेगा। सरदार को भी बुरा नहीं लगेगा और न

बिपिन चंद्र पाल को।”

Piyush Goyal’s railway inspired by Pal and Patel could not complete the examination in 20 months

Today was very happy to see Railway Minister Piyush Goyal’s tweet. He has commemorated the birth anniversary of freedom fighter Bipin Chandra Pal. It is written that Bipin Chandra Pal will continue to inspire generations with his nationalism and revolutionary ideas.

If someone was really inspired by revolutionary ideas and started challenging the government, first of all Piyush Goyal would call him a traitor or his supporters would work.

For a week he was not inspired by any great man. There is no remembrance of anyone’s birth anniversary or death anniversary on his tweet. On 31 October, he gets inspired by Sardar Patel through a tweet. Writes that “his willpower was as strong as that of Faulad, his commitment to the country was unique, his determination was unwavering. Whatever work he got for the national interest, he completed it with full devotion. ”

It would have been better if you had given an example to show your willpower and work done. Bhai Dooj, Govardhan Pooja, Dhanteras, remember to congratulate Chhath but do not remember to give account of the work of the ministry. After all, the person who is getting so much inspiration from so many great men, then why is not his ministry giving a joining letter to more than 15000 candidates? Why the Railway Minister, who was inspired by Patel to Pal, could not complete the examination process in 20 months?

In February 2018, Railways had recruited Loco Pilot and Technician. 20 months have passed but still the process of this examination is not complete. The result of this test has arrived. Documents have been verified after the results. Medical has also been done. No more than 4000 technicians have joined the Kolkata board itself. 1409 Loco Pilot has not joined. They are sitting at home after passing the exam. Are unemployed. According to the candidates, joining should have taken place by September. Now November has started.

The candidates from Allahabad Board have also written to me that candidates are waiting for appointment to ten thousand posts. Thousands of students are waiting. The process of document testing to medical examination has been completed. Don’t know when joining will happen. Is the government saving its money by putting them at home? But see what will happen to the unemployed as the day passes?

A Gorakhpur board candidate has stated that there were 1681 posts of Loco Pilot. Recruitment to 1377 posts has been completed but it is not known after that. The technician’s condition is worse. Their joining panel is not even made.

Railway Recruitment Board Mumbai had 5700 posts, but the restoration of 600 has been completed. Joining has taken place. 4100 candidates are still waiting.

Such information is also being received from Chandigarh Board. Candidates have reported that around 4000 candidates are waiting for joining. It is only 600. The board does not provide any information when asked.

The candidates of the Railway Recruitment Board have said that only 500 have joined here. 3000 candidates are still waiting.

Not only this, the Railway Recruitment Board had taken out 35,000 vacancies of NTPC during the elections to woo the youth. Candidates say that more than one crore people had filled the form for this. The last date for filling the form was 31 March 2019. Financially weaker sections got reservation in this examination. But they were left after filling the form. Neither there was an examination nor a job.

To fill this form, the general gave 500 rupees, the SC / ST gave 250 rupees. The railway is sitting with crores of rupees from the unemployed. Is not conducting exams.

Even after filling the form on 31 March 2019, NTPC has not been tested for 35,000 recruitment. It was said earlier that it will be in August-September but the first week of November has passed. The Railway Minister keeps tweeting the Prime Minister’s tweet throughout the day, not informing the public about all these things. Then how can we assume that they are inspired by great men every morning.

It is better that railway ministers do their basic work. I have an account of more than 25,000 candidates who are waiting for appointment even after passing. This number may be even higher. The Minister is requested to give a joining letter to everyone within a week. Start paying them. If you do this much then it is enough. After that they should forget that whose birth anniversary is today, then nobody will feel bad. Sardar too will not mind and neither will Bipin Chandra Pal.

Leave a Comment

Your email address will not be published.